सभी पावन व्रत एवं त्यौहारसाप्ताहिक वार व्रत
ॐ
Shukravar Vrat (Friday Fast)
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साप्ताहिक वार व्रत

शुक्रवार व्रत (मां संतोषी / वैभव लक्ष्मी)

माँ संतोषी व माँ वैभव लक्ष्मी की असीम कृपा

सुख, समृद्धि, धन-ऐश्वर्य एवं मानसिक शांति हेतु माता संतोषी व माँ वैभव लक्ष्मी को समर्पित पावन साप्ताहिक उपवास।

डाउनलोड सामग्री लिस्ट📿108 मंत्र जप साधनाWhatsApp शेयर🔔महालक्ष्मी आरती
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पावन पूजा विधि एवं अनुष्ठान

शास्त्रोक्त वैदिक चरण, पवित्र संकल्प व नैवेद्य विधान

3 चरण
1

प्रातः स्नान व श्वेत/गुलाबी वस्त्र धारण

🪔 पूजन सामग्री:श्वेत/गुलाबी वस्त्र, चांदी का सिक्का, लाल चंदन

शुक्रवार को स्नान कर श्वेत या गुलाबी वस्त्र पहनें। मां वैभव लक्ष्मी या संतोषी माता की स्थापना करें।

📿मंत्र जप

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः। ॐ शुं शुक्राय नमः।

2

श्री यंत्र व माता लक्ष्मी पूजन

🪔 पूजन सामग्री:खीर, कमलगट्टा, लाल गुलाब, मखाना

श्री यंत्र पर कमलगट्टे, लाल गुलाब, सफेद मखाने और खीर का भोग लगाएं। शुक्रवार के दिन खटाई का पूर्ण त्याग करें।

📿मंत्र जप

महालक्ष्मी च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

3

वैभव लक्ष्मी / संतोषी माता व्रत कथा

🪔 पूजन सामग्री:कथा पोथी, खीर प्रसाद

हाथ में अक्षत व पुष्प लेकर पावन व्रत कथा का श्रवण करें। 7 या 11 सुहागिनों को खीर का प्रसाद बांटें।

📿मंत्र जप

या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशुतेजस्विनी। या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥

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पावन सिद्ध मंत्र एवं जप साधना

शास्त्रोक्त वैदिक महामंत्र, शुद्ध उच्चारण, अर्थ एवं 108 जप विधान

📿108 108 मंत्र जप साधना
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मां वैभव लक्ष्मी महामंत्र

॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः ॥

Om Shreem Hreem Kleem Shri Siddha Lakshmyai Namah

अर्थ: समस्त ऐश्वर्य व सिद्धियां प्रदान करने वाली भगवती महालक्ष्मी को मेरा नमन।
📿108 बार (कमलगट्टे की माला पर)✨ आर्थिक तंगी दूर होना, ऐश्वर्य, सुख और वैभव की प्राप्ति।
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पावन व्रत कथा एवं महात्म्य

पौराणिक आख्यान, भक्ति कथा एवं अखंड फलश्रुति

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🌸 पूजा विधि के समय इस पावन व्रत कथा का पाठ अथवा श्रवण अवश्य करें

📜प्राचीन पोथी पाठ

शुक्रवार व्रत कथा: शीला और वैभव लक्ष्मी की कृपा

घर में सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का स्थायी वास

1कथा प्रसंग: शीला का अटूट विश्वास

शीला और उसका पति सुखी जीवन व्यतीत कर रहे थे। बुरी संगति में पड़कर पति ने सारा धन जुए में गंवा दिया। शीला ने एक वृद्ध स्त्री के रूप में आई मां लक्ष्मी के उपदेश से शुक्रवार का वैभव लक्ष्मी व्रत रखा। श्रद्धापूर्वक खीर का भोग लगाया। कुछ ही समय में उसके पति की मति सुधरी और उनका घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो गया।

कथा श्रवण फल:

दारिद्र्य का नाश, कर्ज मुक्ति और व्यापार में अपार लाभ।

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कपूर आरती, पुष्पांजलि एवं क्षमा प्रार्थना स्तुति

पावन नीराजन, दिव्य आरती स्तुति एवं सस्वर पाठ

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आरती प्रारंभ (मुखड़ा)

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

🔔कपूर गौरं स्तुति

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

🔔आत्म समर्पण प्रार्थना

त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव॥

🔔महाआरती (ॐ जय जगदीश हरे)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।

सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी।

तुम बिनु और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे॥

🔔क्षमा प्रार्थना

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।

पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥

अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।

दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥

साक्षात दिव्य गर्भगृह प्रसारण

साक्षात महालक्ष्मी आरती व दिव्य गर्भगृह दर्शन में सम्मिलित हों

🔔महालक्ष्मी आरती लाइव दर्शन देखें
🪔पूजन सामग्री की संपूर्ण वैदिक सूची

शुक्रवार व्रत (मां संतोषी / वैभव लक्ष्मी) — पूजन सामग्री

शास्त्रोक्त सामग्री, फल, पुष्प, नवग्रह समिधा व आवश्यक पूजन विधान सूची देखें।

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