शुक्रवार व्रत कथा: शीला और वैभव लक्ष्मी की कृपा
घर में सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का स्थायी वास
1कथा प्रसंग: शीला का अटूट विश्वास
शीला और उसका पति सुखी जीवन व्यतीत कर रहे थे। बुरी संगति में पड़कर पति ने सारा धन जुए में गंवा दिया। शीला ने एक वृद्ध स्त्री के रूप में आई मां लक्ष्मी के उपदेश से शुक्रवार का वैभव लक्ष्मी व्रत रखा। श्रद्धापूर्वक खीर का भोग लगाया। कुछ ही समय में उसके पति की मति सुधरी और उनका घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो गया।
दारिद्र्य का नाश, कर्ज मुक्ति और व्यापार में अपार लाभ।
