सभी पावन व्रत एवं त्यौहारसाप्ताहिक वार व्रत
ॐ
Mangalvar Vrat (Tuesday Fast)
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साप्ताहिक वार व्रत

मंगलवार व्रत (बजरंगबली)

संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा प्राप्ति

साहस, आत्मबल, भय निवारण व मंगल दोष शांति हेतु पवनपुत्र हनुमान जी को समर्पित पावन साप्ताहिक व्रत।

डाउनलोड सामग्री लिस्ट📿108 मंत्र जप साधनाWhatsApp शेयर🔔हनुमान आरती
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पावन पूजा विधि एवं अनुष्ठान

शास्त्रोक्त वैदिक चरण, पवित्र संकल्प व नैवेद्य विधान

5 चरण
1

प्रातः स्नान व लाल वस्त्र धारण

🪔 पूजन सामग्री:लाल वस्त्र, चमेली का तेल, सिंदूर, दीपक

मंगलवार को प्रातः स्नान कर लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें। हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का सिंदूरी दीपक जलाएं।

📿मंत्र जप

ॐ हनुमते नमः। मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।

2

हनुमान जी को सिंदूर व चोला अर्पण

🪔 पूजन सामग्री:सिंदूर, चमेली का तेल, तुलसी माला, गुड़-चना, बूंदी

बजरंगबली को सिंदूर और चमेली का तेल लगाएं। लाल पुष्प, तुलसी दल की माला और बूंदी अथवा गुड़-चने का भोग लगाएं।

📿मंत्र जप

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।

3

हनुमान चालीसा व सुंदरकांड पाठ

🪔 पूजन सामग्री:हनुमान चालीसा पोथी, आसन

हनुमान चालीसा का 7 या 11 बार पाठ करें अथवा सुंदरकांड का पाठ करें।

📿मंत्र जप

॥ ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ॥

4

मंगलवार व्रत कथा श्रवण

🪔 पूजन सामग्री:कथा पोथी, अक्षत, पुष्प

केशव ब्राह्मण एवं उसकी पत्नी अंजलि की पावन कथा सुनें।

📿मंत्र जप

महावीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥

5

आरती व सात्विक भोजन

🪔 पूजन सामग्री:कर्पूर, गुड़ का हलवा

आरती कीजै हनुमान लला की आरती करें। शाम को गुड़-गेहूं का हलवा या मीठा भोजन ग्रहण करें (नमक वर्जित)।

📿मंत्र जप

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

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पावन सिद्ध मंत्र एवं जप साधना

शास्त्रोक्त वैदिक महामंत्र, शुद्ध उच्चारण, अर्थ एवं 108 जप विधान

📿108 108 मंत्र जप साधना
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हनुमान मूल मंत्र

॥ ॐ हं हनुमते नमः ॥

Om Ham Hanumate Namah

अर्थ: श्री हनुमान जी महाराज को मेरा सादर वंदन।
📿108 बार✨ भय, भूत-प्रेत बाधा, कर्ज मुक्ति, मंगल दोष शांति।
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पावन व्रत कथा एवं महात्म्य

पौराणिक आख्यान, भक्ति कथा एवं अखंड फलश्रुति

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🌸 पूजा विधि के समय इस पावन व्रत कथा का पाठ अथवा श्रवण अवश्य करें

📜प्राचीन पोथी पाठ

मंगलवार व्रत कथा: ब्राह्मण दंपति पर हनुमान कृपा

संतान सुख और मंगल बालक की प्राप्ति

1कथा प्रसंग: केशव और अंजलि की भक्ति

एक ब्राह्मण दंपति केशव और अंजलि संतान न होने से दुखी रहते थे। केशव वन में हनुमान जी की आराधना करने गया और अंजलि घर पर मंगलवार का व्रत रखने लगी। एक बार अंजलि मंगलवार को भोजन न बना पाने के कारण भूखी रही और अगले मंगलवार तक उपवास करती रही। हनुमान जी ने उसकी अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर उसे 'मंगल' नामक तेजस्वी पुत्र का वरदान दिया।

कथा श्रवण फल:

मंगलवार व्रत से समस्त संकट कटते हैं और बल, बुद्धि, विद्या की प्राप्ति होती है।

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कपूर आरती, पुष्पांजलि एवं क्षमा प्रार्थना स्तुति

पावन नीराजन, दिव्य आरती स्तुति एवं सस्वर पाठ

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आरती प्रारंभ (मुखड़ा)

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

🔔कपूर गौरं स्तुति

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

🔔आत्म समर्पण प्रार्थना

त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव॥

🔔महाआरती (ॐ जय जगदीश हरे)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।

सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी।

तुम बिनु और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे॥

🔔क्षमा प्रार्थना

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।

पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥

अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।

दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥

साक्षात दिव्य गर्भगृह प्रसारण

साक्षात हनुमान आरती व दिव्य गर्भगृह दर्शन में सम्मिलित हों

🔔हनुमान आरती लाइव दर्शन देखें
🪔पूजन सामग्री की संपूर्ण वैदिक सूची

मंगलवार व्रत (बजरंगबली) — पूजन सामग्री

शास्त्रोक्त सामग्री, फल, पुष्प, नवग्रह समिधा व आवश्यक पूजन विधान सूची देखें।

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