सभी पावन व्रत एवं त्यौहारसाप्ताहिक वार व्रत
ॐ
Budhvar Vrat (Wednesday Fast)
🪔
🔱
साप्ताहिक वार व्रत

बुधवार व्रत (श्री गणेश)

विघ्नहर्ता श्री गणेश जी व बुध ग्रह कृपा

बुद्धि, विद्या, वाणी शुद्धि एवं व्यापार में वृद्धि हेतु विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी को समर्पित पावन साप्ताहिक उपवास।

डाउनलोड सामग्री लिस्ट📿108 मंत्र जप साधनाWhatsApp शेयर🔔श्री गणेश आरती
🪔 पूजन सामग्री →
🌸

पावन पूजा विधि एवं अनुष्ठान

शास्त्रोक्त वैदिक चरण, पवित्र संकल्प व नैवेद्य विधान

3 चरण
1

प्रातः स्नान व हरे वस्त्र धारण

🪔 पूजन सामग्री:हरे वस्त्र, दूर्वा, कांस्य पात्र

बुधवार को प्रातः स्नान कर हरे रंग के वस्त्र पहनें। गणेश जी एवं बुध देव की प्रतिमा स्थापित करें।

📿मंत्र जप

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः। ॐ गं गणपतये नमः।

2

दूर्वा व मोदक अर्पण

🪔 पूजन सामग्री:21 दूर्वा, बेसन लड्डू, हरी मूंग

भगवान गणेश को 21 दूर्वा की गांठें अर्पित करें और बेसन के लड्डू या मोदक का भोग लगाएं।

📿मंत्र जप

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

3

बुधवार व्रत कथा श्रवण

🪔 पूजन सामग्री:कथा पोथी, हरी मूंग दाल

मधुसूदन साहूकार की पावन कथा सुनें।

📿मंत्र जप

ॐ बुद्धाय नमः। बुद्धिं देहि यशो देहि पुत्रान् देहि सुरेश्वर॥

📿

पावन सिद्ध मंत्र एवं जप साधना

शास्त्रोक्त वैदिक महामंत्र, शुद्ध उच्चारण, अर्थ एवं 108 जप विधान

📿108 108 मंत्र जप साधना
🕉️

बुध ग्रह बीज मंत्र

॥ ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः ॥

Om Bram Breem Broum Sah Budhaya Namah

अर्थ: बुद्धि, व्यापार और वाणी के स्वामी बुध देव को मेरा प्रणाम।
📿108 बार✨ बुद्धि विकास, व्यापार में सफलता, वाणी में मिठास।
📜

पावन व्रत कथा एवं महात्म्य

पौराणिक आख्यान, भक्ति कथा एवं अखंड फलश्रुति

🪔

🌸 पूजा विधि के समय इस पावन व्रत कथा का पाठ अथवा श्रवण अवश्य करें

📜प्राचीन पोथी पाठ

बुधवार व्रत कथा: साहूकार और बुध देव का चमत्कार

अहंकार मुक्ति और बुद्धि शुद्धि

1कथा प्रसंग: मधुसूदन और पत्नी विदाई

मधुसूदन अपनी पत्नी को ससुराल से विदा कराने गया। ससुराल वालों ने बुधवार को यात्रा न करने की सलाह दी, किंतु उसने अहंकार में बात नहीं मानी। रास्ते में उसकी पत्नी के बगल में हूबहू मधुसूदन जैसा दूसरा व्यक्ति बैठ गया। राजा के सामने न्याय में जब वह हारने लगा, तब उसने बुध देव से क्षमा मांगी। बुध देव अंतर्ध्यान हो गए और मधुसूदन ने सदा बुधवार के नियमों का पालन किया।

कथा श्रवण फल:

व्यापार में वृद्धि, वाणी में प्रभाव और बुद्धि तेज होती है।

🔔

कपूर आरती, पुष्पांजलि एवं क्षमा प्रार्थना स्तुति

पावन नीराजन, दिव्य आरती स्तुति एवं सस्वर पाठ

🪔

आरती प्रारंभ (मुखड़ा)

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

🔔कपूर गौरं स्तुति

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

🔔आत्म समर्पण प्रार्थना

त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।

त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वं मम देव देव॥

🔔महाआरती (ॐ जय जगदीश हरे)

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।

सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी।

तुम बिनु और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥

दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे॥

🔔क्षमा प्रार्थना

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।

पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥

अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।

दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥

साक्षात दिव्य गर्भगृह प्रसारण

साक्षात श्री गणेश आरती व दिव्य गर्भगृह दर्शन में सम्मिलित हों

🔔श्री गणेश आरती लाइव दर्शन देखें
🪔पूजन सामग्री की संपूर्ण वैदिक सूची

बुधवार व्रत (श्री गणेश) — पूजन सामग्री

शास्त्रोक्त सामग्री, फल, पुष्प, नवग्रह समिधा व आवश्यक पूजन विधान सूची देखें।

डाउनलोड सामग्री लिस्ट