सोमवती अमावस्या एवं पितृ तर्पण पावन कथा
सत्यवान-सावित्री और धोबिन सोना की कथा
1कथा प्रसंग: सावित्री द्वारा यमराज से पति रक्षा
सोमवती अमावस्या पर पतिव्रता सावित्री ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर यमराज से अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी दिन पितरों का स्मरण करने से तीन पीढ़ियों के पूर्वज तृप्त होकर आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
पितरों की कृपा, अकाल बाधाओं से रक्षा और कुल में सुख-शांति।
